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Tuesday, January 24, 2012

फोटो को बनायें सजीव





एक मजेदार और उपयोगी फोटो टूल इसमें आप अपने फोटो में चलते पानी का प्रभाव लगा पाएंगे बारिश और बर्फ की बारिश जैसे प्रभाव अपने फोटो को दे पाएंगे और अपने फोटो में साउंड फाइल भी जोड़ने की सुविधा मिलेगी आपको इस 5 एमबी के औज़ार से ।



प्रोग्राम को इन्स्टाल करने के बाद रन करें ।

Create New Project पर क्लिक करें ।

अब आपको अपनी फोटो चुननी होगी ।


इस तरह से खुली विंडो में आप चाहे तो सीधे ही अपनी फोटो फाइल ड्रॉप कर सकते है या Load Image पर क्लिक कर अपनी फोटो फाइल चुन सकते हैं ।

फोटो फाइल चुन लेने के बाद अगर आपको अपने फोटो में बहते पानी का प्रभाव लगाना है तो नीचे दिए चित्र के अनुसार दायीं ओर दिए गए बॉक्स में Water को चुनिए अपनी पसंद की सेटिंग कीजिये (ये आपकी जरुरत के अनुसार अलग हो सकती है एक दो बार करके देखने से आपको अंदाजा हो जायेगा )

अब फोटो में एक गोलाकार ब्रुश को उतनी जगह पर चलिए जिस पर आप पानी का प्रभाव देना चाहते हैं उतने हिस्से का रंग बदल जायेगा । अब ऊपर Preview पर क्लिक करके देख लीजिये की ये प्रभाव आपके फोटो पर कैसा दिखेगा ।


ऐसे ही दायें ओर Weather Tab पर क्लिक कर ऊपर दिए चित्र के अनुसार Snow या Rain प्रभाव चुन लीजिये अपने पसंद की सेटिंग कीजिये और आपके फोटो पर बारिश या बर्फ की बारिश का प्रभाव लगा लीजिये । सेटिंग को सेव करने से पहले Preview पर क्लिक कर अपने फोटो को देख लें ।

आसान है थोड़ी देर के प्रयास से आप इसे बड़ी अच्छी तरह चला लेंगे ।



यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करें


ये ट्रायल वर्जन है फुल वर्जन के लिए मुझे मेल करें hinditechblog@gmail.com पर

3 टिप्पणियाँ:

  1. संगीता पुरीDec 23, 2009 04:05 AM
    अच्‍छी जानकारी !!
    Reply
  2. ांच्छी जानकारी है अगर कुछ कर पाये तो। धन्यवाद्
    Reply
  3. राजीव तनेजाDec 23, 2009 05:26 AM
    शुक्रिया
    Reply

भारतीय दण्ड संहिता, १८६०


May 10, 2007


भारतीय दण्ड संहिता, १८६०

अधयाय १
प्रस्तावना

उद्देशिका
धारा १ संहिता का नाम और उसके प्रर्वतन का विस्तार
धारा २ भारत के भीतर किए गये अपराधों का दण्ड
धारा ३ भारत से परे किए गये किन्तु उसके भीतर विधि के अनुसार
विचारणीय अपराधों का दण्ड
धारा ४ राज्य-क्षेत्रातीत अपराधों पर संहिता का विस्तार
धारा ५ कुछ विधियों पर इस आििनधयम द्वारा प्रभाव न डाला जाना

अध्याय २
साधारण स्पष्टीकरण

धारा ६ संहिता में की परिभाषाओं का अपवादों के अध्यधीन समझा जाना
धारा ७ एक बार स्पष्टीकृत पद का भाव
धारा ८ लिंग
धारा ९ वचन
धारा १० पुरूष, स्त्री
धारा ११ व्यक्ति
धारा १२ लोक
धारा १३ निरसित
धारा १४ सरकार का सेवक
धारा १५ निरसित
धारा १६ निरसित
धारा १७ सरकार
धारा १८ भारत
धारा १९ न्यायाधीश
धारा २० न्यायालय
धारा २१ लोक सेवक
धारा २२ जंगम सम्पत्ति
धारा २३ सदोष अभिलाभ
सदोष अभिलाभ
सदोष हानि
सदोष अभिलाभ प्राप्त करना/सदोष हानि उठाना
धारा २४ बेईमानी से
धारा २५ कपटपूर्वक
धारा २६ विश्वास करने का कारण
धारा २७ पत्नी, लिपिक या सेवक के कब्जे में सम्पत्ति
धारा २८ कूटकरण
धारा २९ दस्तावेज
धारा २९ क इलेक्ट्रानिक अभिलेख
धारा ३० मूल्यवान प्रतिभूति
धारा ३१ विल
धारा ३२ कार्यों का निर्देश करने वाले शब्दों के अन्तर्गत अवैध लोप आता है
धारा ३३ कार्य, लोप
धारा ३४ सामान्य आशय को अग्रसर करने में कई व्यक्तियों द्वारा किये गये कार्य
धारा ३५ जब कि ऐसा कार्य इस कारण अपराधित है कि वह अपराध्कि ज्ञान या
आशय से किया गया है
धारा ३६ अंशत: कार्य द्वारा और अंशत: लोप द्वारा कारित परिणाम
धारा ३७ किसी अपराध को गठित करने वाले कई कार्यों में से किसी एक
को करके सहयोग करना
धारा ३८ अपराधिक कार्य में संपृक्त व्यक्ति विभिन्न अपराधों के दोषी हो सकेंगे
धारा ३९ स्वेच्छया
धारा ४० अपराध
धारा ४१ विशेष विधि
धारा ४२ स्थानीय विधि
धारा ४३ अवैध, करने के लिये वैध रूप से आबद्ध
धारा ४४ क्षति
धारा ४५ जीवन
धारा ४६ मृत्यु
धारा ४७ जीव जन्तु
धारा ४८ जलयान
धारा ४९ वर्ष, मास
धारा ५० धारा
धारा ५१ शपथ
धारा ५२ सद्भावनापूर्वक
धारा ५२ क संश्रय

अध्याय ३
दण्डों के विषय में
धारा ५३ दण्ड
धारा ५३ क निर्वसन के प्रति निर्देश का अर्थ लगाना
धारा ५४ लघु दण्डादेश का लघुकरण
धारा ५५ आजीवन कारावास के दण्डादेश का लघुकरण
धारा ५५ क समुचित सरकार की परिभाषा
धारा ५६ निरसित
धारा ५७ दण्डावधियों की भिन्ने
धारा ५८ निरसित
धारा ५९ निरसित
धारा ६० दण्डादिष्ट कारावास के कतिपय मामलों में संपूर्ण कारावास या
उसका कोई भाग कठिन या सादा हो सकेगा
धारा ६१ निरसित
धारा ६२ निरसित
धारा ६३ जुर्माने की रकम
धारा ६४ जुर्माना न देने पर कारावास का दण्डादेश
धारा ६५ जबकि कारावास और जुर्माना दोनों आदिष्ट किये जा सकते हैं, तब जुर्माना
न देने पर कारावास, जबकि अपराध केवल जुर्माने से दण्डनीय हो
धारा ६६ जुर्माना न देने पर किस भंति का कारावास दिया जाय
धारा ६७ जुर्माना न देने पर कारावास, जबकि अपराध केवल जुर्माने से दण्डनीय हो
धारा ६८ जुर्माना देने पर कारावास का पर्यवसान हो जाना
धारा ६९ जुर्माने के आनुपातिक भाग के दे दिये जाने की दशा में कारावास का पर्यवसान
धारा ७० जुर्माने का छ: वर्ष के भीतर या कारावास के दौरान में उदग्रहणीय होना
धारा ७१ कई अपराधों से मिलकर बने अपराध के लिये दण्ड की अवधि
धारा ७२ कई अपराधों में से एक के दोषी व्यक्ति के लिये दण्ड जबकि निर्णय में यह
कथित है कि यह संदेह है कि वह किस अपराध का दोषी है
धारा ७३ एकांत परिरोध
धारा ७४ एकांत परिरोध की अवधि
धारा ७५ पूर्व दोषसिदि्ध के पश्च्यात अध्याय १२ या अध्याय १७ के अधीन कतिपय अपराधें
के लिये वर्धित दण्ड

अध्याय ४
साधारण अपवाद
धारा ७६ विधि द्वारा आबद्ध या तथ्य की भूल के कारण अपने आप को विधि द्वारा
आबद्ध होने का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य
धारा ७७ न्यायिकत: कार्य करने हेतु न्यायाधीश का कार्य
धारा ७८ न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में किया गया कार्य
धारा ७९ विधि द्वारा न्यायानुमत या तथ्य की भूल से अपने को विधि द्वारा न्यायानुमत होने
का विश्वास करने वाले व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य
धारा ८० विधिपूर्ण कार्य करने में दुर्घटना
धारा ८१ कार्य जिससे अपहानि कारित होना संभाव्य है, किन्तु जो आपराधिक आशय के बिना
और अन्य अपहानि के निवारण के लिये किया गया है
धारा ८२ सात वर्ष से कम आयु के शिशु का कार्य
धारा ८३ सात वर्ष से उपर किन्तु बारह वर्ष से कम आयु अपरिपक्व समझ के शिशु का कार्य
धारा ८४ विकृतिचित्त व्यक्ति का कार्य
धारा ८५ ऐसे व्यक्ति का कार्य जो अपनी इच्छा के विरूद्ध मत्तता में होने के कारण निर्णय
पर पहुंचने में असमर्थ है
धारा ८६ किसी व्यक्ति द्वारा, जो मत्तता में है, किया गया अपराध जिसमें विशेष आशय या
ज्ञान का होना अपेक्षित है
धारा ८७ सम्मति से किया गया कार्य जिसमें मृत्यु या घोर उपहति कारित करने का आशय
हो और न उसकी सम्भव्यता का ज्ञान हो
धारा ८८ किसी व्यक्ति के फायदे के लिये सम्मति से सदभवनापूर्वक किया गया कार्य जिससे
मृत्यु कारित करने का आशय नहीं है
धारा ८९ संरक्षक द्वारा या उसकी सम्मति से शिशु या उन्मत्त व्यक्ति के फायदे के लिये
सदभवनापूर्वक किया गया कार्य
धारा ९० सम्मति
उन्मत्त व्यक्ति की सम्मति
शिशु की सम्मति
धारा ९१ एसे कार्यों का अपवर्णन जो कारित अपहानि के बिना भी स्वत: अपराध है
धारा ९२ सम्मति के बिना किसी ब्यक्ति के फायदे के लिये सदभावना पूर्वक किया गया कार्य
धारा ९३ सदभावनापूर्वक दी गयी संसूचना
धारा ९४ वह कार्य जिसको करने के लिये कोई ब्यक्ति धमकियों द्धारा विवश किया गया है
धारा ९५ तुच्छ अपहानि कारित करने वाला कार्य

निजी प्रतिरक्षा के अधिकार के विषय में
धारा ९६ निजी प्रतिरक्षा में दी गयी बातें
धारा ९७ शरीर तथा सम्पत्ति पर निजी प्रतिरक्षा का अधिकार
धारा ९८ ऐसे ब्यक्ति का कार्य के विरूद्ध निजी प्रतिरक्षा का अधिकार जो विकृतख्त्ति आदि हो
धारा ९९ कार्य, जिनके विरूद्ध निजी प्रतिरक्षा का कोई अधिकार नहीं है
इस अधिकार के प्रयोग का विस्तार
धारा १०० शरीर की निजी प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने पर कब
होता है
धारा १०१ कब ऐसे अधिकार का विस्तार मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि कारित करने तक का होता है
धारा १०२ शरीर की निजी प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रारंभ और बने रहना
धारा १०३ कब सम्पत्ति की निजी प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार मृत्यु कारित करने तक
का होता है
धारा १०४ ऐसे अधिकार का विस्तार मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि कारित करने तक का
कब होता है
धारा १०५ सम्पत्ति की निजी प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रारंभ और बने रहना
धारा १०६ घातक हमले के विरूद्ध निजी प्रतिरक्षा के अधिकार जबकि निर्दोश व्यक्ति को अपहानि होने की जोखिम है

अध्याय ५
दुष्प्रेरण के विषय में
धारा १०७ किसी बात का दुष्प्रेरण
धारा १०८ दुष्प्रेरक
धारा १०८ क भारत से बाहर के अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण
धारा १०९ दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाए, और जहां तक कि उसके दण्ड के लिये कोई अभिव्यक्त उपबंध नही है
धारा ११० दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से
कार्य करता है
धारा १११ दुष्प्रेरक का दायित्व जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है
धारा ११२ दुष्प्रेरक कब दुष्प्रेरित कार्य के लिये और किये गये कार्य के लिए आकलित दण्ड से दण्डनीय है
धारा ११३ दुष्प्रेरित कार्य से कारित उस प्रभाव के लिए दुष्प्रेरक का दायित्व जो दुष्प्रेरक दवारा आशयित से भिन्न हो
धारा ११४ अपराध किए जाते समय दुष्प्रेरक की उपस्थिति
धारा ११५ मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण यदि अपराध नही किया जाता
यदि अपहानि करने वाला कार्य परिणामस्वरूप किया जाता है
धारा ११६ कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण अदि अपराध न किया जाए
यदि दुष्प्रेरक या दुष्प्रेरित व्यक्ति ऐसा लोक सेवक है, जिसका कर्तव्य अपराध निवारित करना हो
धारा ११७ लोक साधारण दवारा या दस से अधिक व्यक्तियों दवारा अपराध किये जाने
का दुष्प्रेरण
धारा ११८ मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
यदि अपराध कर दिया जाए - यदि अपराध नहीं किया जाए
धारा ११९ किसी ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना का लोक सेवक दवारा छिपाया जाना, जिसका निवारण करना उसका कर्तव्य है
यदि अपराध कर दिया जाय
यदि अपराध मृत्यु, आदि से दण्डनीय है
यदि अपराध नही किया जाय
धारा १२० कारावास से दण्डनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
यदि अपराध कर दिया जाए - यदि अपराध नही किया जाए
अध्याय ५ क
आपराधिक षडयंत्र

धारा १२० क आपराधिक षडयंत्र की परिभाषा
धारा १२० ख आपराधिक षडयंत्र का दण्ड

अध्याय ६
राज्य के विरूद्ध अपराधें के विषय में
धारा १२१ भारत सरकार के विरूद्ध युद्ध करना या युद्ध करने का प्रयत्न करना या युद्ध करने का दुष्प्रेरण करना
धारा १२१ क धारा १२१ दवारा दण्डनीय अपराधों को करने का षडयंत्र
धारा १२२ भारत सरकार के विरूद्ध युद्ध करने के आशय से आयुध आदि संग्रह करना
धारा १२३ युद्ध करने की परिकल्पना को सुनकर बनाने के आशय से छुपाना
धारा १२४ किसी विधिपूर्ण शक्ति का प्रयोग करने के लिए विवश करने या उसका प्रयोग अवरोपित करने के आशय से राट्रपति, राज्यपाल आदि पर हमला करना
धारा १२४ क राजद्रोह
धारा १२५ भारत सरकार से मैत्री सम्बंध रखने वाली किसी एशियाई शक्ति के विरूद्ध
युद्ध करना
धारा १२६ भारत सरकार के साथ शान्ति का संबंध रखने वाली शक्ति के राज्य क्षेत्र में
लूटपाट करना
धारा १२७ धारा १२५ व १२६ में वर्णित युद्ध या लूटपाट दवारा ली गयी सम्पत्ति प्राप्त करना
धारा १२८ लोक सेवक का स्व ईच्छा राजकैदी या युद्धकैदी को निकल भागने देना
धारा १२९ उपेक्षा से लोक सेवक का ऐसे कैदी का निकल भागना सहन करना
धारा १३० ऐसे कैदी के निकल भागने में सहायता देना, उसे छुडाना या संश्रय देना

अध्याय ७
सेना, नौसेना और वायुसेना से सम्बन्धित अपराधें के विषय में
धारा १३१ विद्रोह का दुष्प्रेरण का किसी सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक को कर्तव्य से विचलित करने का प्रयत्न करना

क्रमशः

9 साक्ष्‍य कथन:

  1. अनुनाद सिंहMay 23, 2007 02:26 AM
    देर से टिप्पणी के लिये क्षमा-याचना के साथ यह कहना चाहता हूँ कि विधि में आपकी जानकारी और रुचि को देखते हुए न्यायिक और विधिक विषयों पर आपसे लिखने की उम्मीद करता हूँ।
    Reply
  2. piyushpatnaiyaJul 3, 2008 11:57 PM
    बहुत अच्छा प्रयास है। उम्मीद है विधि संबंधी विषयों पर लिखना जारी रखेंगे। अन्य धाराओं के बारे में भी लिखें. धारा 369 क्या कहती है, कृपया मार्गदर्शन करें
    Reply
  3. Venudhar routiyaJun 26, 2010 01:18 PM
    I am student of LL.M. IV Semester in Constitutional Law. i saw your nice blogspot so nice. I ll write about indian constitutional matter. Thanking you so much
    Reply
  4. NSGSep 1, 2010 10:06 AM
    please compleat ipc
    Reply
  5. priyanksworldSep 18, 2010 09:23 AM
    Will you Please send me all indian penal court's law ?
    If it is in Gujarati then its more better.
    Actually i need to know some laws of India.
    I am priyank Shah
    and plz mail me at priyankshah_90@yahoo.co.in
    Reply
  6. PrIyAnK ShAHSep 18, 2010 09:25 AM
    Will you please Send me all laws of india ?
    and if it is in gujarati then it is more better b'coz i am From Gujarati.
    and actually i want to marrie (arya Samaj) so i need to know that which law can i use to protect us !
    So please help me ..and you please send me mail at priyankshah_90@yahoo.co.in
    Thank you !
    Reply
  7. AnonymousFeb 22, 2011 08:36 AM
    is there any way to get soft copy of IPC Mannual in Hindi.
    Reply
  8. अनुनाद सिंहNov 19, 2011 09:49 PM
    भारतीय दण्ड संहिता, १८६० को यूनिकोडित करके, .DOC फाइल को जिप करके निम्नलिखित स्थान पर रखा है। यदि इसे अपने चिट्ठे पर प्रकाशित करें तो बहुत से लोग लाभान्वित होंगे।

    https://docs.google.com/open?id=0B06JOlm5x83YZmE1N2FmMjQtZTIyZi00YjQzLWJkOTMtYWNkOTUxZDBiZThk
    Reply
  9. ombhagvanjiJan 23, 2012 09:23 AM
    aage ki dharaye bhi pakasit kijiye. dhanyabad.
    ReplyDelete

Tuesday, January 17, 2012

Hindi Blogger: लिंक पे लिंक बनाते चलो ब्‍लॉग में ट्रैफिक बढ़ाते चलो

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Monday, January 16, 2012

आखिर गूगल एडसेंस खाता (Google Adsense Account) बंद क्यों कर देता है गूगल!?


आखिर गूगल एडसेंस खाता (Google Adsense Account) बंद क्यों कर देता है गूगल!?

आईये आज बात की जाये उनकी , जिनका गूगल एडसेंस खाता (Google Adsense Account), गूगल ने ही बंद कर दिया है। गूगल सर्च से आमदनी संबंधित पिछली पोस्ट के बाद से ही दसियों ईमेल आ चुकी हैं कि गूगल ने एकाऊँट डिसेबल कर दिया है क्या करें? सीधा सा ज़वाब यह है कि कुछ नहीं हो सकता। लेकिन यदि आप धैर्य रख सकते हैं तो कुछ उपाय हैं, लेकिन सबसे पहले यह विचार कीजिए कि खाता बंद क्यों कर दिया गया?  शुरूआती दौर को याद किया जाये तो हमारे सुपुत्र का भी चेहरा उतरा हुया था,  जिस दिन खाता बंद होने की सूचना ईमेल से मिली थी। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी क्योंकि वह जानता था कि उसने गूगल एडसेंस (Google Adsense) के नियम व शर्तों के साथ-साथ दो सुनहरे नियमों का भी पालन किया था।
दो सुनहरे नियम? ये क्या होते हैं? दिल पर हाथ रख लीजिए, बल्कि पत्थर ही रख लीजिए :-) ये दो सुनहरे नियम हैं: 
  1. स्वयं अपने गूगल एडसेंस विज्ञापनों पर क्लिक न करें
  2. अपने किसी साथी/ परिचित/ संबंधी/ पड़ोसी/ दुश्मन आदि को न बतायें कि आपको, किसी के द्वारा ‘वहाँ’ क्लिक किए जाने पर, आमदनी होती है!
लो कर लो बात! पहला नियम तो समझ में आता है कि खुद क्लिक करते रहेंगे तो कूकीज़ व आई पी पते जैसी अत्यंत सामान्य प्रक्रियायों के कारण गूगल की बुद्धिमान प्रणाली बस चुटकी बजाते ही आपके खाते पर ताला लगा देगी। लेकिन दूसरा नियम? भई जब तक हम बतायेंगे नहीं किसी को, तो क्लिक कौन करेगा?

इन दोनों नियमों में मानवीय स्वभाव व उत्कंठा का बहुत बड़ा दखल है। वो कहावत तो सुनी होगी आपने कि ‘हलवाई अपनी मिठाई खुद नहीं खाता’! बस पहले नियम को उससे जोड़ दीजिए। अब यहाँ कोई तकनीकी संगोष्ठी तो हो नहीं रही इसलिए इतनी सी बात गाँठ बांध लीजिए। अब देखें दूसरा नियम। मान लीजिए आपने अपने किसी नज़दीकी को यह ‘राज’ बता दिया है कि आपको इससे पैसे मिलते हैं तो वह जी जान से कोशिश करेगा कि ज़्यादा से ज़्यादा क्लिक करके आपको जल्दी से अमीर बना दे फिर आपको बताये कि भैया/ बहना/ यारा वो तो मैंने ही दनादन क्लिक किए थे इसलिए आपको इत्ते सारे पैसे मिले। मेरी पीठ थपथपायो, मैं आपका शुभचिंतक हूँ। जबकि वह गूगल बाबा की तकनीकी दक्षता से अंजान, आपका बंटाधार कर चुका होता है!
अब गूगल बाबा बैठे बैठे यही देखते रहते हैं कि किसने इतनी तरफदारी कर दी है, कौन सिफारिशी क्लिक पेश कर रहा है? बस दन्न से दरवाज़े बंद, हमेशा के लिए। अरे वो भी कमाने बैठा है, लुटाने थोड़े ही आया है। जिसके विज्ञापन पर क्लिक होती है वो भी देखता है कि अगला तो बस खो-खो खेल कर चले जा रहा है, साईट वाईट को देखता ही नहीं, ना ही जानना चाहता है कि ये किस काम की साईट है। बस पलक झपकते ही दूसरा दरवाज़ा खटकाने चल पड़ता है। 
अब अगर आपके दुश्मन को पता चल गया है कि आप तो बस अब महल खड़ा कर लोगे चंद क्लिक्स की बदौलत! तो वह भी अपना कम्प्यूटर संभाल कर, आपकी साईट या ब्लॉग पर, जहाँ पाये वहाँ क्लिक करना शुरू कर देता है , उत्तेजित होकर बुदबुदाते हुए। अबगूगल बाबा तो सबको एक ही नज़र से द्खते हैं। उनके लिए क्या दोस्त क्या दुश्मन? सबको बराबर मान कर फैसला लेते हैं कि ये हमारे काम का नहीं रहा अब।
विश्वास न हो हो खुद ही यहाँ पढ़ लो, जहाँ पाँचवें नम्बर पर लिखा है कि You shall not, and shall not authorize or encourage any third party to: (i) directly or indirectly generate queries, Referral Events, or impressions of or clicks on any Ad, Link, Search Result, or Referral Button (including without limitation by clicking on “play” for any video Ad) through any automated, deceptive, fraudulent or other invalid means, including but not limited to through repeated manual clicks, the use of robots or other automated query tools and/or computer generated search requests, and/or the unauthorized use of other search engine optimization services and/or software
वैसे अगर आप यह मानते हैं कि आपने इन दो सुनहरे नियमों का पालन किया है तो फिर अगली पोस्ट में देखेंगे कि इसके अलावा और क्या-क्या कारण हो सकते हैं गूगल एडसेंस खाता (Google Adsense Account) बंद होने के तथा बंद खाते को फिर से खुलवाने के लिए कौन से पापड़ बेलने पड़ेंगे!

मैं बी एस पाबला
छत्तीसगढ़ के दल्ली राजहरा में जनम व पालन पोषण
भिलाई इस्पात संयंत्र में सेवारत
हिंदी से बेहद लगाव
इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई तकनीकों में रुचि
फिलहाल हिंदी ब्लॉगिंग में 6 वर्ष से सक्रिय

Rating: 0.0/10 (0 votes cast)

सर्च इंजिन से इस पृष्ठ तक पाठक लाने वाले शब्द हैं::

  • एडसेंस खाता
  • हलवाई खुद की मिठाई नहीं खता

ब्लॉग पर, गूगल सर्च (Google Search) से भी होती है आमदनी


ब्लॉग पर, गूगल सर्च (Google Search) से भी होती है आमदनी

चलिये आज बात की जाये उनकी, जिनके पास अभी गूगल एडसेंस का खाता सक्रिय है, विज्ञापन तो आते हैं लेकिन ज़्यादातर सार्वजनिक सेवा के। ऐसे विज्ञापन जिनसे आमदनी नहीं होती। अधिकतर व्यक्ति गूगल को उसकी सर्च इंजिन सेवा के नाम से जानते पहचानते हैं। जैसा कि मैंने देखा है, हिंदी ब्लॉग जगत में अधिकतर सक्रिय गूगल एडसेंस खाताधारक सर्च इंजिन का प्रयोग ना के बराबर करते हैं। वे जानते ही नहीं कि गूगल की इस सेवा से भी आमदनी होती है! कहा जाता है कि दुनिया में कोई भी वस्तु मुफ्त नहीं मिलती। आप सभी जानते हैं कि गूगल की लोकप्रिय सेवायें ‘मुफ्त’ में प्राप्त होती हैं। जबकि गूगल उनसे अरबों रूपये कमाता है। एडसेंस ही उसे कुल राजस्व का 30% हि्स्सा देता है। जिसमें अच्छा खासा हिस्सा सर्च से आता है। गूगल की पिछली तिमाही के नतीजे देखिए। यही प्रतिशत आप अपने खाते में मान कर चलिए!

अब देखा जाये कि इस सर्च इंजिन बॉक्स को अपने ब्लॉग पर लगाया कैसे जाये। इस वक्त गूगल एडसेंस खाते में लॉगिन किये जाने पर और फिर Adsense Setup वाली टैब पर क्लिक किये जाने पर जो स्क्रीन दिखायी देती है उस पर है  Adsense for Search, उसमें साफ साफ लिखा गया दिखता है कि Offer your users site search or web search while earning revenue from ads relevant to their search terms मतलब, अपने उपयोगकर्ताओं को, खुद की साइट या पूरे इंटरनेट पर, सर्च का प्रस्ताव दें। साथ ही साथ उनके द्वारा खोजे जा रहे शब्दों के लिए प्रासंगिक विज्ञापन देते हुये,  राजस्व अर्जन करें। इसी वाली लिंक को क्लिक कर आगे बढ़ा जाये तो जो पृष्ठ खुलता है उसमें सबसे पहले दिखता है Search Type: Choose whether you want users to search your site, a collection of sites, or the web. (सर्च का प्रकार: आप उपयोगकर्ता को मात्र एक साईट, चुनी हुयी साईटों या पूरे इंटरनेट पर सर्च की अनुमति देंगे)
अब यदि आप मात्र अपनी साईट/ साईट्स या किन्हीं चुनिंदा साईट्स पर सर्च की अनुमति देना चाहते हैं तो Only sites I select वाले रेडियो बटन पर क्लिक करें। पूरे इंटरनेट पर सर्च की अनुमति देना चाहते हैं तो The entire web वाले रेडियो बटन पर क्लिक करें। यदि आप Only sites I select का चुनाव करते हैं तो संबंधित साईटों का मूल URL अगले बॉक्स में देना ही होगा। यदि The entire web का चुनाव करते हैं तो यदि चाहें तो अपनी साईट से संबंधित, महत्वपूर्ण शब्दों की सूची,  अंग्रेजी -हिंदी किसी भी भाषा में, अर्धविराम से अलग करते हुये दे सकते हैं। कुछ अरसा पहले गूगल दोनों का चुनाव करने की सुविधा देता था।
आगे बढ़ते हैं तो Site language आती है जिसमें आपकी साईट की प्राथमिक भाषा का चुनाव करने को कहा जाता है (Select your website’s primary language) इसे मूल रूप में English ही रहने दें। 
फिर है Your site encoding, भारतीय भाषायों के लिये इसे Unicode (UTF-8) कर लें। यदि कोई संशय हो तो उसे वैसा ही छोड़ दें। 
फिर बारी आती है Country or territory for Google domain की जिसमें सर्च परिणाम के लिए किसी खास देश के गूगल डोमेन चुनने को कहा जा रहा। मेरे अनुभव से भारतीय भाषायों के लिये इसे India रखना बेहतर है। 
इससे आगे है Custom channel जिसे मैं, पूरे एडसेंस में बेहद मह्त्वपूर्ण मानता हूँ। फिलहाल ब्लॉग के मामले में इतना ही कहूँगा कि यदि आप एक एडसेंस खाते के कोड को अन्य ब्लॉग में भी प्रयोग कर रहे हैं तो जिस ब्लॉग पर यह सर्च इंजिन बॉक्स लगाने जा रहे हैं, इसी नाम का एक Add New Channel पर क्लिक कर, एक चैनल बना लें। अगर पहले से बना हुया है तो ड्रॉप-डाऊन से उसे चुन लें। इससे लाभ यह होगा कि आप रिपोर्ट देख कर जान पायेंगे कि इस सर्च बॉक्स से कितनी आमदनी हुयी। Safe search को यदि आप चुनेंगे तो, आने वाले सर्च परिणाम हिंसा, अश्लीलता आदि से मुक्त परिणाम दिखायेंगे।
इससे आगे हैं सर्च इंजिन का रंग रूप का चुनाव Look and Feel , आप जैसा चाहे वैसा रूप चुन लें। मेरे ख्याल से मूल, पहला ही ठीक है। 
फिर बारी आती है सर्च बॉक्स की लम्बाई Text Box Length की, वह आप अपनी आवश्यकतानुसार कम ज़्यादा कर सकते हैं। 
आगे आपको मिलेगा Opening of search results page चुनने का अवसर, मतलब आप अपने सर्च परिणाम को कहाँ दिखाना चाह्ते हैं? उसी पृष्ठ पर (Open results on Google in the same window), अलग से खुलने वाले पृष्ठ पर (Open results on Google in a new window) या फिर अपने खुद की साईट पर (Open results within my own site)। मेरे अनुभव से आप अपने ब्लॉग के लिए प्रथम दो में से कोई सा भी चुन सकते हैं। यहीं आप रंग संयोजन भी कर सकते हैं Palettes के द्वारा।
फिर अंत में है सर्च कोड प्राप्ति, Get Search Code जिसमें आप गूगल के नियम को मानने की बाध्यता के बाद अपने सर्च बॉक्स को कोई नाम देते हुये सहेजेंगे Submit and get code और फिर अगले पृष्ठ पर आपको लिखा मिलेगा Paste this code in the page where you’d like your search box to appear नीचे ही होगा एक हलके से रंग का बॉक्स जिसमें आपके सर्च बॉक्स का HTML कोड होगा उसे कॉपी करें और अपने ब्लॉग पर लगा लें।
ब्लॉग पर लगाने के लिये Layout टैब के तहत,  Page element पर Add a Gadget क्लिक करें HTML/ JavaScript चुनें, एक शीर्षक देते हुये, निचले बड़े से खाली दिख रहे बॉक्स में वह कोड डाल कर सहेज लें। फिर उसे मनचाहे स्थान पर घसीट लें (Drag),   पूर्वालोकन preview करे और सहेज लें। फिर ब्लॉग को अलग से जीवंत देखें। 
यदि इसके पश्चात किसी तरह के रंग, रूप, आकार में फेरबदल की आव्श्यकता पड़ी तो मात्र एडसेंस खाते में Manage Ads में संबंधित नाम वाले लिंक पर Edit code क्लिक कर फेरबदल करें, सहेजें। ब्लॉग में सर्च कोड में कोई छेड़छाड़ ना करें सिवाय स्थान या शीर्षक बदलने के। शीर्षक आप ब्लॉग पोस्ट के हिसाब से रोजाना भी बदल सकते हैं। कोड अपने आप ही अपडेट हो जायेगा।
ये तो था एक सर्च इंजिन बॉक्स का मानक निर्माण। अब बात आती है व्यवहारिकता की। गूगल की शर्तों के अनुसार आप अधिकतम दो सर्च बॉक्स अपने ब्लॉग/ साईट पृष्ठ पर लगा सकते हैं। 
ब्लॉग के मामले में मेरा अनुभव यह कहता है कि ब्लॉग पर पहली पोस्ट के ऊपर तथा ब्लॉग के सबसे नीचे सर्च इंजिन बॉक्स का लगाना फलदायक होता है। उस पर भी आपके सर्च इंजिन बॉक्स के शीर्षक, ब्लॉग की विषयवस्तु से मेल खाते हों, आने वाले को उकसाते हों तो सोने पे सुहागा! उदाहरण के लिये आप प्रिंट मीडिया पर ब्लॉग चर्चा या अदालत ब्लॉग देख सकते हैं।
ध्यान रहे कि आपके ब्लॉग पर आ कर, आपके सर्च बॉक्स के द्वारा सर्च किये जाने पर, कोई  उपयोगकर्ता जब तक सर्च परिणाम वाले पृष्ठ पर दिये गये  विज्ञापन पर क्लिक नहीं करेगा, तब तक आपको किसी तरह की आमदनी नहीं होगी। 
अपने ब्लॉग पर आप कब लगा रहे हैं आमदनी के इस अल्प ज्ञात साधन, गूगल सर्च बॉक्स को?
मैं बी एस पाबला
छत्तीसगढ़ के दल्ली राजहरा में जनम व पालन पोषण
भिलाई इस्पात संयंत्र में सेवारत
हिंदी से बेहद लगाव
इलेक्ट्रॉनिक्स सहित कई तकनीकों में रुचि
फिलहाल हिंदी ब्लॉगिंग में 6 वर्ष से सक्रिय

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