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Wednesday, December 26, 2012

hari om 2

आलोक---- हरी ॐ जी आप   से मिल कर  मैंने कहा की आप   मेरी थोड़ी shaayta  कर दीजिये . 

Red Alert - Information - #1147923

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Shaadi.com Indian Matrimonials
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Should I Change My Password? | How Safe Is Your Password?

Should I Change My Password? | How Safe Is Your Password?

Shaadi.com Indian Matrimonials

पासवर्ड तो नहीं हुआ हैक, जानने के लिए यहां करें लॉग इन,password hack



                         आज के दौर में ढेर सारे काम ऑनलाइन किए जाने लगे हैं। इस फेर में ढेरों यूजर नेम समेत पासवर्ड बनाने पड़ते हैं। इन्हें न सिर्फ याद रखना चुनौती है, बल्कि किसी आपात स्थिति में परिवार तक इनकी पहुंच हो, यह सुनिश्चित करना भी काफी मुश्किल है। लेकिन इसका रास्ता दिखाया है एक कंपनी क्वेस्टली ने। 
                         वसीयत की तरह अपने सारे पासवर्ड परिवार के सुपुर्द करने के लिए आपको वेबसाइटwww.passmywill.com पर लॉग इन करना होगा। यहां आप ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन से लेकर अन्य महत्वपूर्ण साइट्स के सारे पासवर्ड रख सकेंगे। ताकि आपके न होने पर परिवार के सदस्यों तक उनकी पहुंच हो सके। इस सेवा के लिए कंपनी आपसे निर्धारित शुल्क लेगी। 

हैक तो नहीं पासवर्ड
                 कैसे पता चलेगा कि आपका पासवर्ड किसी साजिश का शिकार हुआ है? इसके लिएwww.shouldichangemypassword.comपर जाना होगा। इसमें ई-मेल डालना होगा। इसके बाद साइट हैकरों द्वारा सार्वजनिक की गई जानकारियों के डाटा बैंक को खंगालेगी। अगर ई-मेल अकाउंट के साथ कोई छेड़-छाड़ की गई है, तो वह आपको जानकारी देने के साथ पासवर्ड सुरक्षित बनाने के टिप्स भी देगी।

सुरक्षित पासवर्ड
                    यह पता लगाने का एक जरिया माइक्रोसॉफ्ट पासवर्ड चैकर (http://goo.gl/BB0zC)है। साइट पर दिए गए बॉक्स में आपको अपना पासवर्ड टाइप करना होगा। इसके बाद पता चल जाएगा कि पासवर्ड कमजोर, सुरक्षित या अति सुरक्षित है। अगर साइट पासवर्ड कमजोर बताए, तो उसे मजबूत बना लें।

बनाएं सेफ पासवर्ड
                     ई-सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो अब पास‘फ्रेज’ का जमाना है। इससे हैकरों को पासवर्ड चुराने में दिक्कत आती है। यानी एक ऐसा वाक्य चुनें जिसे आप याद रख सकें। इसे और जटिल बनाने के लिए शुरुआती कुछ अक्षर बड़े और बाद के छोटे कर लें। साथ में नंबरों का भी प्रयोग करें।

कैसे याद रखेंगे

                      इस तरह बने बेतुके पास‘फ्रेज’ को याद रखना खासा मुश्किल होगा। ऐसे में मददगार बनेगा पासवर्ड मैनेजर। इसके लिए लॉग इन करें www.lastpass.comजो एक फ्री सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने की सुविधा देता है। यह सॉफ्टवेयर आपके सिस्टम और वेब ब्राउजर के साथ मिल कर काम करेगा। शुरुआत में आपको लास्टपास वेबसाइट पर अपने ई-मेल से एक अकांउट खोलना होगा और एक मास्टर पासवर्ड देना होगा। लॉग इन के बाद अपने अकाउंट में सारे पासवर्ड डाल दें। इसके बाद आप जब भी संबंधित साइट खोलेंगे, तो पासवर्ड अपने आप ही दर्ज हो जाएगा। 
                       इस सुविधा का एक रोचक पहलू यह भी है कि यह जरूरत पड़ने पर पासवर्ड को और सुरक्षित बना कर उसे स्टोर कर लेगा। यही नहीं, सारे पासवर्ड आपके पीसी तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आप कहीं से भी इस सुविधा का फायदा उठा सकेंगे। यह साफ्टवेयर इंटरनेट एक्सप्लोरर समेत फायरफॉक्स, क्रोम जैसे ब्राउजर्स और विंडोज 7, सिंबियन, ब्लैकबेरी जैसे ओएस प्लेटफॉर्म पर भी चलेगा। इसके अलावा रोबोफॉर्म(www.roboform.com)भी यही सुविधा देता है, लेकिन यहां आपको इसके लिए कुछ शुल्क देना होगा।

पासवर्ड वॉल्ट
 अगर आपको विभिन्न पासवर्ड याद रखने में दिक्कत आती है, तो आपके लिए पासवर्ड वॉल्ट के रूप में भी एक विकल्प है। मान लीजिए आप विंडोज 7 पर काम करते हैं, तो आप इसके क्रेडेंशियल मैनेजर की सुविधा लें। इस पर आप विभिन्न साइट्स के यूजर नेम और पासवर्ड सुरक्षित रख सकते हैं। ये पासवर्ड के लिए वॉल्ट की तरह काम करता है। विंडोज 7 पर इस तक पहुंचने के लिए आपको सिर्फ क्रेडेंशियल मैनेजर टाइप भर करना होगा। मोजिला फायरफॉक्स पर भी मास्टर पासवर्ड वॉल्ट उपलब्ध हैं। इसके अलावा पासवर्ड सेफ(http://passwordsafe.sourceforge.net) और कीपास (www.keepass.info)भी यह सुविधा देता है।






Shaadi.com Indian Matrimonials

Wednesday, December 5, 2012

Mind and body researches दिल के मरीजोँ के लिए लहसुन का तेल फायदेमंद


शुक्रवार, १८ नवम्बर २०११


दिल के मरीजोँ के लिए लहसुन का तेल फायदेमंद



एक शोध के अनुसार लहसुन का तेल हार्ट पेशेँट के लिए बेहद फायदेमंद है। खास तौर पर हार्ट अटैक के बाद पेशेँट को ठीक रखने के लिए।लहसुन के तेल मेँ मौजूद डायलिल ट्राइ सल्फाइड नामक पदार्थ कार्डियक सर्जरी के दौरान हार्ट को मजबूती देता है। शोध के अनुसार डायलिल ट्राई सल्फाइड नामक पदार्थ हाइड्रोजन सल्फाइड के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता ...



रविवार, ६ नवम्बर २०११


सियाटिका के दर्द को देँ ऐसे शिकस्त



सियाटिका नर्व (नाड़ी) शरीर की सबसे लंबी नर्व होती है। यह नर्व कमर की हड्डी से गुजरकर जांघ के पिछले भाग से होती हुई पैरोँ के पिछले हिस्से मेँ जाती है। जब दर्द इसके रास्ते से होकर गुजरता है, तब ही यह सियाटिका का दर्द कहलाता है। होलिस्टिक मेडिसिन के तहत इस मर्ज का स्थायी समाधान संभव है।लक्षण * कमर के निचले हिस्से मेँ दर्द के साथ जाँघ व टांग के पिछले हिस्से मेँ दर्द।* पैरोँ मेँ सुन्नपन के साथ मांसपेशियोँ मेँ कमजोरी का अनुभव।* पंजोँ मेँ सुन्नपन व झनझनाहट। बचाव * प्रतिदिन सामान्य व्यायाम करेँ।* वजन नियंत्रण मेँ रखेँ।* पौष्टिक आहार ग्रहण करेँ।* रीढ़ की हड्डी को चलने-फिरने और उठते-बैठते समय सीधा रखेँ।* भारी वजन न उठाएं। होलिस्टिक समाधान सामान्य रूप से...



शनिवार, ८ अक्तूबर २०११


तिमाही गर्भ निरोधक इंजैक्शन



प्रo तिमाही गर्भनिरोधकइंजैक्शन क्या है?उo तिमाही गर्भ निरोधकइंजैक्शन अनचाहे गर्भ कोरोकने का एक उपाय है। यहअनचाहे गर्भ को रोकने कीइच्छुक महिलाओँ के लिएएक सरल और सुरक्षित उपाय है। यह 99.796प्रतिशत प्रभावशाली है।प्रo यह सूई कहाँ लगाईजाती है?उo यह महिला के बांह याकूल्हे मेँ लगाई जाती है।प्रo यह गर्भ निरोधक इंजैक्शन कब लगवाया जासकता है?उo पहली सूई के बाद हर3 महिने मेँ एक सूई लगवाएं।यह इंजैक्शन हर 3 महिने मेँ लगवाना बहुत जरूरी है,पर यदि किसी कारण से इसे निर्धारित तारीख पर नलगपा पाएं तो उस तारीख से 2 हफ्ते पहले या 2 हफ्तेबाद भी लगवा सकती हैँ।यदि 2 हफ्ते से ज्यादा देरहो जाए तो अगली सूई लगवाने तक या तो यौनसंबंध न बनाएं अथवा यौनसंबंध मेँ सुरक्षित गर्भनिरोधक...



शुक्रवार, ७ अक्तूबर २०११


क्योँ होता है सिर दर्द



सिर दर्द एक आम बीमारीहै। आमतौर से 90 प्रतिशतव्यक्तियोँ मेँ एक बार सिरदर्द होता ही है। 40 प्रतिशतव्यक्तियोँ मेँ वर्ष मेँ एक बारबहुत तेज सिर दर्द होता है।*सिर दर्द के बहुत से कारणहैँ, गम्भीर रोगोँ के प्रति भीयह इशारा कर सकता है।*सिर दर्द का आम कारणटेँशन होता है जो आज केयुग मेँ आम बात है।*सिर दर्द के रोगी का रक्त-चाप अवश्य नाप लेना चाहिए क्योँकि बढ़ा हुआरक्तचाप इस लक्षण का एकआवश्यक कारण है।*बार-बार जुकाम वाले रोगी को जो सिर दर्दसाइनासाइटिस की वजह सेहोता है। जो सूर्य के बढ़ते-बढ़ते बढ़ता जाता है औरसूर्यास्त होते-होते घटने लगता है। आगे झुकने परयह दर्द बढ़ जाता है।*मस्तिष्क की झिल्लियोँ मेँसूजन(मेनिँगजाइटिस) सिरदर्द का एक प्रमुख कारण है।रोगी तेज रोशनी से...



बुधवार, ५ अक्तूबर २०११


डायबिटिज वाले क्या खायेँ



आहार मेँ कुछ food substance ऐसे होते हैँजिन्हेँ अवश्य शामिल करनाचाहिए जैसे- ओट्स, सोयाबीन, हरी चाय, जौँतथा ईसबगोल।ओट्स या ओटमील:-इसमेँ एक विशिष्ट प्रकार का फाइबर पाया जाता है जिसे वीटा ग्लूकोज कहते हैँ। यह घुलने वाला फाइबर होता है और शरीर को बुरे कोलेस्ट्रोल एलoडीoएलoसे लड़ने मेँ मदद करता है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह केवल बुरे कोलेस्ट्रोल को हीकम करता है और अच्छाकोलेस्ट्रोल एचoडीoएलoशरीर मेँ बरकरार रहता है।जिससे शरीर मेँ एलoडीo एलo और एचoडीoएलoकोलेस्ट्रोल के बीच बेहतरअनुपात रहता है। सोयाबीन :- सोयाबीन शरीर को हाइपरकोले-स्ट्रोमिया से बचाता है औरशरीर मेँ बुरे कोलेस्ट्रोलएलoडीoएलo को घटाता है।हरी चाय :- कई शोधोँ सेयह सिद्व हुआ है कि कालीया हरी...



बृहस्पतिवार, २९ सितम्बर २०११


रत्नोँ के लाभ



आजकल गली-चौराहे वचौपाटियोँ पर जगह-जगहरत्नोँ की दुकानेँ खुल गई हैँ।विक्रेता रत्न के बारे मेँ जानेँया ना जानेँ, पर इस फायदेमंद धंधे को अपनाने से पीछेनहीँ हटते। वे जानते हैँ कि आजकलरातोँ-रात लखपति बनने केसपने आदमी देखता है।रोगमुक्त जीवन जीनाचाहता है। फिर इन रत्नोँ की जानकारी चाशनीदारभाषा मेँ रूपान्तरित करखरीदार के समक्ष पेश करनेमात्र से लाभ ही लाभ है तोक्या बुरा है।आपको बता देँ कि कोई भीरत्न अच्छे जानकार से पूछे बगैर धारण न करेँ। बिनासोचे-समझे पहननेँ परसंभवतः आपको हानि हीहाथ लगेगी।आइए आपको रत्नोँ की संक्षिप्त जानकारी देँ :-1. माणिक्य :- यह सिँहराशि का रत्न है जो सूर्य केदोषोँ को दूर करता है।इसकेअलावा यह सिर, हृदय, पेटव नेत्रोँ पर प्रभाव डालता...



सोमवार, २६ सितम्बर २०११


क्योँ आता है जल्दी बुढ़ापा?



आज भी मॉर्डन जीवन शैलीमेँ जल्दी बुढ़ापा आने कामतलब है कि शारीरिकऔर मानसिक तौर परजल्दी कमजोर हो जाना।दरअसल बढ़ती उम्र हमेँजीवन के आखिरी पड़ावबुढ़ापा या वृद्वावस्था तकपहुँचाता है। वृद्वावस्था वह अवस्थाहोती है जब शरीर की सुनने, देखने, बोलने, सूंघने, जीभ, त्वचा, मानसिक क्षमता काकाम करने की योग्यताक्षीण होने लगती है लेकिनमॉर्डन जमाने मेँ यहअवस्था जल्द ही इंसान कोअपने वश मेँ करने लगतीहै।जल्दी वृद्वावस्था आने केकारण :- > भागती-दौड़ती जीवन शैली, > गलत खाने की आदतेँ,> शराब व तंबाकू का सेवन।रोकथाम के उपाय:-> रोजमर्रा जीवन मेँ योगाव आयुर्वेद का उपयोग करना।> स्वादोँ 'मीठा, खट्टा, कड़वा, तीखा, नमकीन' कासंतुलित सेवन करना।> कैलोरी के सेवन व खपतमेँ...



शनिवार, १७ सितम्बर २०११


सपनोँ मेँ भी महिलाओँ से भेदभाव



रात मेँ सोते समय सपनेदेखना एक आम बात है।हम सब कुछ हसीन सपनेदेखते हैँ लेकिन कभी-कभीसपने हमेँ अच्छा-खासा डराभी देते हैँ।विशेषज्ञोँ के दावे को सहीमाने तो सपनोँ की दुनियामेँ भी महिलाओँ के साथभेदभाव होता है। एक रिसर्च के मुताबिक पुरूषोँके मुकाबले महिलाओँ कोज्यादा डरावने सपनेदिखाई देते हैँ।शोधकर्ताओँ का कहना हैकि रात को सोते वक्त महिलाओँ को आने वालेसपने मेँ हार्मोन महत्वपूर्णभूमिका निभाता है। शोध से यह तथ्य सामने आयाहै कि सपने के विषय तयकरने मेँ महिलाओँ के हार्मोन चक्र की भूमिका होती है। माहवारी से पहलेमहिलाएं ज्यादा भावनात्मकऔर डरावने सपने देखती हैँमहावारी की वजह से शरीर के तापमान मेँ आया अंतर सपनो की जड़ है।शोधदल की प्रमुख डाँक्टरजेन्नी पार्कर का...



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